केशव प्रसाद मौर्य ने विधायक निधि कार्यों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए
Keshav Prasad Maurya gave instructions
लखनऊ। नेता सदन विधान परिषद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को विधायक निधि संबंधी कार्याें पर त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।
बुधवार को विधायक निधि योजना दिशा-निर्देश समिति की बैठक में विधान परिषद सदस्यों ने निधि के उपयोग को लेकर आ रही समस्याओं की शिकायत की।
सुधार के लिए सुझाव भी दिए गए। उपमुख्यमंत्री ने समिति द्वारा दिए गए प्रस्तावों का गहन परीक्षण करने और लंबित प्रकरणों पर त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार सदन के प्रति जवाबदेह है, इसलिए समितियों की अनुशंसाओं पर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्यवाही करना अधिकारियों का दायित्व है। समिति द्वारा दिए गए सभी प्रस्तावों पर नियम संगत कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। लंबित प्रकरणों का अतिशीघ्र निस्तारण किया जाए।
फाइलों को बेवजह लंबित न रखा जाए। कार्यवाहियों और प्रस्तावों के निस्तारण में कोई त्रुटि न हो। सदस्यों ने बताया कि 45 दिनों में विधायक निधि के काम शुरू होने का नियम है, परंतु इसके बाद भी काम शुरू नहीं हो पा रहे हैं।
इस संबंध में उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समाधान के निर्देशित किया। कहा कि शासन स्तर पर लंबित विषयों पर भी तत्काल शासनादेश जारी किए जाएं। कैबिनेट स्तर के मामलों में नियमानुसार प्रक्रिया पूर्ण कर आगे की कार्यवाही की जाए।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ने कहा कि विधायक निधि के माध्यम से सड़क, नाली, सामुदायिक भवन, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था आदि जन उपयोगी कार्य सीधे जनता तक पहुंचते हैं।
ऐसे में इसकी कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी तथा परिणाममुखी बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
समिति विधायक निधि योजना के दिशा-निर्देशों की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन एवं सुझाव देगी, जिससे विकास कार्यों में गैरजरूरी देरी न हो। बैठक में विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक, ध्रुव कुमार त्रिपाठी, डा. हरि सिंह ढिल्लो, देवेंद्र प्रताप सिंह, किरण पाल कश्यप आदि शामिल थे।